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बहुत मन है छोटा हो जाऊँ

माँ के आंचल में छुप जाऊँ, कोई न ले गोदी तो मचल जाऊँ, गली में आये कुल्फ़ी वाला, कुल्फ़ी लेने को उसे रुकने को कह आऊँ, माँ का दूध पीऊं और माँ की गोद में ही सो जाऊँ, बहुत मन है छोटा हो जाऊँ ।। माँ नहाने को बुलाये और मैं पूरे घर में दौड़ लगाऊँ, नींद से जगने पर माँ को न  पाकर खूब ज़ोर से रोऊँ, न मिलने पर मनपसंद चीज़ ज़मीन पर लोटक-पीटा खाऊँ, बहुत मन है छोटा हो जाऊँ।। पापा के साथ दुकान पर ये चाहिए हाथ रखकर बताऊँ, सीटी वाली चप्पल पहन खूब इठलाऊँ, महमान आने पर घर में छुप जाऊँ, बहुत मन है छोटा हो जाऊँ।।                ©-शिvam

श्रीकृष्ण तो श्रीकृष्ण हैं

श्रीकृष्ण तो श्रीकृष्ण हैं  श्रीकृष्ण नटखट है, श्रीकृष्ण चोर भी हैं, श्रीकृष्ण प्रेम हैं, श्रीकृष्ण मित्र हैं, श्रीकृष्ण सारथी है तो, श्रीकृष्ण भाई भी हैं, श्रीकृष्ण गुरु है, कृष्णा तारक है, कृष्णा राधा के हैं सश्रीकृष्ण मीरा के भी हैं श्रीकृष्ण आपके भी हैं श्रीकृष्ण मेरे भी हैं श्रीकृष्ण हम सबके हैं कृष्ण तो कृष्ण है -Shivam