जिंदगी के मायने
जिंदगी को इतना भी कॉम्प्लीकेट मत करिए की जीना ही भूल जाएँ...कभी अकेले बैठें तो अपने मन से भी पूछ लें कि वो क्या चाहता है,किस पागलपन में वो सुकून पाता है,किस दरख्त पर चढ़ जाना चाहता है...कभी अपने ख़ुद के मन से बातें करके देखिये,पता लगेगा की उसे बस एक बैलेंस चाहिए जिंदगी में,कोई अंतहीन रेस नही.❤
Pic credit- Click by Me
इस सांसारिक भागदौड़ में इस मन को क्या चाहिए ये उससे कभी पूछा ही नही।
ReplyDeleteबहुत खूब पंक्तिया..... शायर का मिजाज़ काफ़ी वास्तविक प्रतित होता है💐🤩
ReplyDelete