बारिश और भुट्टे का साथ

आज शाम को मित्र के साथ था. वहाँ भुटिया(भुट्टा) वाला खड़ा था और साथ में हल्की हल्की बारिश की फुन्हार पड़ रही थी....हमारा भी मन हो आया खाने का, बारिश के मौसम में कुछ गरमा-गरम खाने का मन करे तो सबसे पहले याद आती है भुट्टों की। बारिश की बूंदों का आनंद लेते हुए गर्म सिके हुए भुट्टों का स्वाद शायद ही किसी को नापसंद हो, ताजा नर्म और गुलाबी पीले भुट्टे बरबस ही मन मोह लेते हैं और अगर उन्हें जब आप सिंकते हुए देखते हैं तो उसकी खुशबू आपको दीवाना बना देती है। नींबू नमक के साथ इनका स्वाद और बढ़ जाता है।

Comments

Popular posts from this blog

सड़क पर चलते हुए आसमान तक

कैसा लगा मेरा दोस्त बनकर?

*टहलते-टहलते*