#दिन_ढ़लते_ही



ये हमें आज डाक द्वारा प्राप्त हुआ. ये दो पेंटिंग्स मेरे लिए बड़े ही प्रेम और स्नेह से बनाई गई हैं. जिन्हें देखकर मुझे बेहद खुशी का अनुभव हो रहा हैं. इन्हें भेजा हैं हमारी शिक्षिका श्रीमती विजयता जादौन की सहकर्मी श्रीमती सुजाता मैम ने हैदराबाद से.

आज सुबह सुबह पोस्टमैन भाईसाहब हमें देकर गए..जब से मुझे मालूम हुआ कि ये आने वाला है डाक से तब से ही बेहद उत्साहित और जिज्ञासा हो रही थी आखिर क्या होगा.

आज सुबह जैसे ही मिला सारे काम छोड़कर बड़े ही उत्साह से पोस्टमैन के पेपर पर हस्ताक्षर किए और उन्हें सहृदय धन्यवाद कहा और बड़े ही नाजुक और तहरीर से खोला...जैसे जैसे टेप और पैकिंग खुल रही थी उतना ही मैं जिज्ञासा से और भरता जा रहा था..

इन्हें देखकर बहुत ही खुशी हुई और अच्छा भी लगा कि मेरे काम को सराहा गया और उन्होंने न केवल सराहा बल्कि अपने प्रेम से परिपूर्ण मुझे डाक भेजी.

इसमें विशेष बात यह है कि मैं और आदर्णीय मैम जिनसे न कभी मुलाक़ात हुई और न ही बात. यह उपहार सदैव मुझे याद रहेगा. मैं इससे ज़्यादा और कुछ नहीं कह पाउँगा, मुझे जो आज महसूस हुआ वह इसके जरिये आपके साथ साँझा कर रहा हूँ

मैं श्रीमती विजयता एवं श्रीमती सुजाता मैम को मेरा सहृदय धन्यवाद. आप सदैव अपना आशीर्वाद और दृष्टि मुझ पर ऐसे ही बनाये रखें.❤️

✍️ Shivam Pandit ( #_shivvaam_ )

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